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अन्तर्वासना की हॉट हिंदी सेक्स कहानियाँ

अन्तर्वासना की हॉट हिंदी सेक्स कहानियाँ

प्यासी टीचर दीदी की हवस

हॉट टीचर पोर्न कहानी में मैं ट्यूशन पढ़ने जाता था तो मेरी टीचर मुझे खा जाने वाली नजर से देखती थी. एक दिन वह घर में अकेली थी. वह मुझे चूमने लगी, फिर नंगी हो गयी.

दोस्तो, मेरा नाम राहुल है और मैं फरीदाबाद में रहता हूँ.

मैं बहुत ही स्मार्ट और चिकना लौंडा हूँ. मैं अभी स्कूल में पढ़ रहा हूँ.
मेरा रंग बिल्कुल दूध सा गोरा है.
मुझे दखते ही लड़कियों के मुँह में पानी आ जाता है.

यह हॉट टीचर पोर्न कहानी मेरी एक दीदी की है जिनसे मैं ट्यूशन पढ़ने जाया करता था.
दीदी का नाम पूनम है.

वे हैं तो आंटी लेकिन मैं उन्हें दीदी ही कहता था क्योंकि सारे छात्र उन्हें दीदी कहते थे.

दीदी बहुत ही खूबसूरत हैं.
उनका जिस्म काफ़ी सेक्सी और काफ़ी भरी हुई माल जैसी हैं.

दीदी ने अपना फिगर भी काफी मेंटेन करके रखा है.
शायद वे नियमित रूप से योग व कुछ कसरत आदि करती होंगी इसलिए वे एकदम फिट हैं.
उनकी कमर भी बिल्कुल सपाट है और दूध व गांड का इलाका भी समझो, बिल्कुल मुनमुन सेन जैसा है.

हालांकि उनकी उम्र 40 साल की है. उनके दो लड़के भी हैं.

उनका रंग एकदम लालिमा लिए हुए दूध के जैसा है.
होंठ काफ़ी भरे हुए हैं, देख कर लगता था कि पता नहीं कितने जन्मों की प्यासी हों.

मैं दीदी के यहां रोज़ ट्यूशन पढ़ने जाया करता था.
वे भी एक हाउस वाइफ थीं जो पार्ट टाइम ट्यूशन देती थीं.

जब मैं उनके सामने ट्यूशन पढ़ने बैठता था तो वे मुझे घूरती रहती थीं.

मैं छिपी नजरों से देखता था कि अपनी जीभ अपने होंठों पर ऐसे फेरती रहती थीं जैसे उन्हें मैं रसमलाई सा दिख रहा हूँ.

वे कभी कभी मुझे टच भी करती थीं और मेरे गालों को भी खींचती रहती थीं.
वे मुझे ‘मेरे कुटू, मेरा बाबू’ बोलती रहती थीं.

एक दिन मैं जब शाम को दीदी के घर ट्यूशन पढ़ने गया तो उस समय वे घर में अकेली थीं.
उनके बच्चे और उनके पति तीन दिन के लिए किसी की शादी में बाहर गए थे.

उस दिन मैं और पूनम दीदी घर में अकेले थे.

उस दिन दीदी ने जानबूझ कर साड़ी पहनी हुई थी.
उनका ब्लाउज भी काफी गहरे गले वाला था जिसमें से उनकी ब्रा काफी छोटी सी थी और ब्लाउज के खुले गले से उनके बड़े बड़े बूब्स मुझे दिख रहे थे.

दीदी के बूब्स बहुत ही बड़े और टाइट थे.
मैं उन्हें देख देख कर पागल हो रहा था.

दीदी ने लाल लिपस्टिक और आंखों में गहरा काजल लगाया हुआ था. सच में वे बहुत ही कयामत लग रही थीं.

मैंने दीदी से पूछा- आप शादी में नहीं गईं?
उन्होंने हंस कर कहा- नहीं, तेरे लिए ही रुकी रही हूँ!

यह कह कर दीदी ने मेरे गाल पर एक किस किया और मेरे गाल को अपनी जीभ से चाट भी दिया.
ऐसा होते ही मैं बहुत ही ज्यादा सकुचा सा गया कि दीदी यह क्या कर रही हैं.

मैं दीदी से कहने लगा- आप ये क्या कर रही हो?
तो दीदी ने कहा- मैं तुझे चूसना चाहती हूँ, तू बहुत ही चिकना है. मुझे ऐसे लड़के बहुत पसंद हैं.

यह कह कर वे मेरे होंठों पर अपने होंठ लगा कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगीं.

मैं उन्हें खुद से दूर हटाने की कोशिश कर रहा था लेकिन दीदी मुझे ज्यादा ताकत वाली थीं तो मैं उन्हें हटा ही नहीं पा रहा था.

दीदी ने मुझे बहुत बुरी तरह कसके पकड़ लिया था और मेरे मुँह को बुरी तरह चाटने लगी थीं.

न जाने क्यों, अचानक से मेरा भय खत्म हो गया था और अब मैं भी उनका साथ देने लगा था.

जैसे ही मैंने दीदी के होंठों को चूसने में साथ देना शुरू किया, दीदी ने मेरी जीभ को अपने मुँह में भर लिया और हम दोनों काफ़ी देर तक ऐसे ही किस करते रहे.

फिर दीदी मुझे अपने कमरे में ले गईं और मेरे कपड़े निकालने लगीं.

पहले उन्होंने मेरी शर्त उतारी और बनियान में ही मेरी छाती के एक निप्पल को काट लिया.

मैं दर्द से कराहने लगा ‘आह दीदी दर्द हो रहा है!’
तो दीदी ने कहा- साले कुत्ते, ऐसे ही तो मजा आता है!

दीदी मेरे सीने के दोनों निप्पलों को बारी बारी से चूसने लगीं और जीभ से लिकलिक करके चाटने लगीं.

फिर दीदी ने धीरे धीरे करके मुझे पूरा नंगा कर दिया और वे मेरी पूरी चिकनी बॉडी को पागलों की तरह चाटने लगीं.

दीदी मुझे गाली भी दे रही थीं.
वे मुझे साले कुत्ता और भैनचोद की गालियां दे रही थीं.

उस दिन मुझे समझ आया कि वे पूरी एक नंबर की रंडी थीं.

थोड़ी देर में दीदी ने खुद भी अपनी साड़ी उतार दी और वे नंगी हो गईं.
उनके बड़े टाइट बूब्स बाहर दिख रहे थे जो मुझे पागल कर रहे थे.

दीदी ने मेरा मुँह पकड़ कर अपने बूब्स पर लगाया और बोलीं- कुत्ते चूस इन्हें काट अच्छे से … साले बिल्कुल कुत्तों की तरह चूस भैनचोद … आज मैं तेरी रंडी हूँ, मुझे मीठा दर्द दे … अपनी दीदी को आज कुचल कर रख दे आह पी ले मेरा दूध अच्छे से … निकाल भैनचोद अपनी रंडी का दूध … आह मेरे कुत्ते चूस ले … मैं बहुत प्यासी हूँ!

मैं दीदी के दोनों मम्मों को लगातार बारी बारी से चाट और काट रहा था.

दीदी बिल्कुल पागल हो चुकी थीं.
उनकी चुत में से पानी की धार निकल रही थी.

उन्होंने मेरा हाथ अपनी चुत पर रखा हुआ था जो बहुत ही बड़ी चुत थी और एकदम गर्म चुत थी.

मैं उनकी चुत को अपने हाथ से रगड़ रहा था.
दीदी को मेरे हाथ से बड़ा मजा आ रहा था. वे मुझे किस किए जा रही थीं.

वे बोल रही थीं- साले भैनचोद कुत्ते … आज मुझे अपनी रंडी बना ले साले अपनी रखैल बना कर चूस मुझे … मेरी चुत में अपना हाथ अन्दर डाल दे और फाड़ दे अपनी रंडी दीदी की चुत!

मैंने दीदी की चुत में तुरंत हाथ फेरा और अपनी दो उंगलियों को घुसेड़ दिया.
उनकी चुत तो साली नगर निगम का नाला थी इसलिए मेरी दोनों उंगलियां आराम से उनकी चुत में चली गई थीं.

मैंने तीसरी और चौथी उंगली भी चुत के अन्दर ठांस दी.

दीदी पागलों की तरह अपने सर को इधर उधर पटकने लगीं और बोलने लगीं- मेरे राजा चढ़ जा मेरे ऊपर और पेल दे अपना पूरा लंड मेरे अन्दर!

वह लंड पेलने को बोल रही थीं. मैंने लंड पेला मगर उन्हें उससे असर ही नहीं हुआ, तो वे वापस उंगलियों से चोदने की बात कहने लगीं.

थोड़ी देर बाद दीदी का पानी निकल गया और वे हांफने लगीं.

वे मुझे किस पर किस किए जा रही थीं.
मैं भी दीदी को चूस रहा था.

दीदी ने मुझे उठा कर बेड पर पटक दिया और बोलने लगीं- कुत्ते अब मैं तुझे असली मजा दूँगी.
वे मेरे ऊपर आकर मुझे चाटने और चूसने लगीं.

वे बोलने लगीं- मैं बहुत प्यासी हूँ, मुझे लंड नहीं मिला तो मैं मर जाऊंगी. मुझे एक सॉलिड लंड चाहिए.
यह कहते हुए उन्होंने मेरे लंड को ऊपर उठाया और मेरी गांड के होल को चूसना शुरू कर दिया.

वे मेरे लंड को सहलाने लगी थीं. मेरा लंड बस 5 इंच का था. वे उसे अच्छे से चूसने लगीं.

थोड़ी देर में उन्होंने मेरी गांड में अपनी मोटी उंगली डाल दी.
मुझे दर्द होने लगा मैंने दीदी को रोका.
तो बोलीं- साले कुत्ते, दर्द में ही तो मजा है. मुझे भी चुदवा दे किसी असली मर्द से! आह अपनी दीदी को उसकी रंडी बना दे!

वे ज़ोर ज़ोर से मेरी गांड फाड़ने लगीं.
उनकी मोटी उंगली से मुझे लंड की फीलिंग आ रही थी.

अब दीदी और ज़ोर से उंगली करने लगी थीं.
उनके एक हाथ से मेरे लंड की मुठ भी मारी जा रही थी तो अब बस मेरे लौड़े से धार निकलने वाली थी.

दीदी ने लंड को मुँह में भर लिया तो उसी वक्त मेरे लौड़े से पिचकारी निकल गई.

दीदी ने मेरा पूरा वीर्य पी लिया और बोलने लगीं- ये बहुत टेस्टी है. मुझे असली मर्द का वीर्य भी पीना है.

अब दीदी ने अपनी चुत मेरे सामने कर दी और मेरे बाल पकड़ कर मेरा मुँह अपनी चुत पर लगा दिया.

वे बोलने लगीं- कुत्ते चूस मेरी रानी को … पी जा मेरा पानी … तुझे मेरी कसम है आह बहुत पानी है मेरी चुत में … पी ले अच्छे से … आह और जोर से!

तभी थोड़ी देर बाद दीदी ने पानी छोड़ दिया और मैं उनका पानी पी गया.

दीदी हांफने लगीं और मुझे किस करने लगीं, चूमने लगीं.

मैंने दीदी की चुत का पानी उनके मुँह में डाला और उनके होंठों को चूसने लगा.

दीदी बहुत रंडी हैं, ये मुझे आज पता चल गया था.
तभी दीदी ने मुझे चूमा और प्यार दिया.

फिर दीदी ने मुझसे कहा- जाओ किचन से एक मोटा खीरा और तेल ले आओ. अब मेरी प्यासी गांड की भी प्यास बुझाओ … जा कुत्ते जल्दी लेकर आ!

मैं जल्दी से किचन में गया और वहां से खीरा लेकर आ गया.
वह खीरा 8 इंच लंबा और काफी मोटा था.
दीदी उसे देखकर पागल हो गईं और घोड़ी बन गईं.

वे बोलीं- मेरी गांड में डाल दो तेल लगाकर. आह पूरा खीरा मेरी गांड में बाड़ दो.

मैंने दीदी का होल देखा तो मैं पागल ही हो गया, कितना बड़ा और प्यारा होल था, जो लंड के लिए प्यासा था.

मैंने दीदी से कहा- दीदी, आपका होल बहुत प्यासा है, इसे किसी मर्द का लंड दिलवाओ ना, जिससे इसकी प्यास बुझ जाए!
तभी दीदी बोलीं- साले कुत्ते अभी मेरी गांड में इसी खीरा को लंड समझ कर पेल दो.

मैंने दीदी की गांड में तेल लगा कर खीरा होल पर लगा दिया.
दीदी ने अपनी तरफ से कुछ ज़ोर लगाया और आवाज देती हुई खीरा अन्दर लेने की कोशिश करने लगीं.

‘आह फाड़ दे कुत्ते रंडी की गांड को!’

मैंने अपने हाथ से ज़ोर कर झटका दिया, तो खीरा स्लिप होकर दीदी की गांड में आधा घुसता चला गया.

खीरा गांड के अन्दर जाकर आधा फंस गया था. दीदी पागलों की तरह सर इधर उधर पटकने लगीं और पीछे मुँह करके मुझे चूमने लगीं.

वे बोली- आह मेरे कुत्ते, मेरी गांड बहुत प्यासी है. इसमें और अन्दर तक पेल साले बेरहम हो ज़ा ना! अगर पूरा अन्दर चला जाएगा तो तेरी दीदी मर नहीं जाएगी … फाड़ दे भैनचोद मेरी गांड को!

मैंने दीदी की गांड में पूरा खीरा डाल दिया और उनकी गांड को चोदने लगा.
दीदी बहुत ही बुरी तरह झड़ने लगीं.

फिर मैंने दीदी की गांड से खीरा निकाल दिया और हम दोनों बेड पर निढाल होकर लेट गए.
दीदी मुझे चूमने लगीं.

वे मुझसे बोलीं- मुझे किसी अपने दोस्त से चुदवा दे ना, जो सॉलिड मर्द हो असली लंड वाला, जिसका लंड इस खीरे की तरह हो. मैं बहुत बड़ी रंडी हूँ, मुझे चुदवा दो किसी लंड से!

तभी मैंने दीदी से वादा किया- मैं आपके लिए असली लंड का इंतज़ाम कर दूँगा. आप बस मेरी रंडी बन जाओ!

कुछ देवर बाद मैं दीदी के घर से चलने को हुआ तो दीदी ने मुझे किस किया.
वे बोलीं- मुझे एक मोटे लंड का इंतज़ार रहेगा!

मैं अगले दिन स्कूल गया तो मेरी नज़र सामने से आते हुए अंकित भैया पर पड़ी.

मैंने देखा उनकी सॉलिड बॉडी, सिक्स पॅक एब्स और लोवर से एक बड़े लंड की फीलिंग आ रही थी.
वे मुझे देखकर रुक गए और पास में आकर बोले- चिकने, कहां घूम रहा है?

मैंने कहा- भैया, मैं स्कूल जा रहा हूँ.

भैया भी मुझ पर लाइन मारते थे. वे मेरी गांड मारना चाहते थे.

फिर मैंने भैया से कहा- भैया, मैं आपके लिए मजे का इंतज़ाम कर सकता हूँ.
तो भैया बोले- गांड देगा अपनी?

मैंने कहा- हां वह भी दे दूँगा लेकिन उससे पहले मुझे आपका लंड देखना है.
तो वे बोले- चल किसी कोपचे में चल कर दिखाता हूँ.

हम दोनों एक गली में चले गए और वहां एक खाली घर पड़ा था, उसमें घुस गए.

उधर भैया ने अपना मोटा लंड बाहर निकाल लिया.
उनके लंड की लंबाई 8 इंच होगी और मोटाई भी खीरे जैसी ही थी.

मैं उनका लंड देखते ही डर गया.

तभी भैया बोले- पकड़ इसे!
जैसे मैंने उसे हाथ में लिया, मैं तो पागल हो गया और सोचने लगा कि पूनम दीदी की चुत और गांड की अब खैर नहीं.

मुझसे रहा नहीं गया, मैंने उनके लंड को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
थोड़ी देर के बाद भैया का वीर्य निकल गया. मैं उनका सारा वीर्य पी गया.

फिर मैंने भैया से कहा- मुझे आपके लंड की फोटो लेनी है.
उन्होंने कहा- क्यों बे कुत्ते, फ़ोटो का क्या करेगा?

मैंने कहा- आपको मेरी पूनम दीदी को चोदना है. वे बहुत बड़ी रंडी हैं और लंड की प्यासी हैं. उनको आपके जैसा लंड चाहिए. यही लंड उस रंडी की गांड और छूट को फाड़ देगा. क्या आप चोदोगे मेरी रंडी पूनम दीदी को!
भैया बोले- हां क्यों नहीं, मुझे रंडी औरतें चोदना बहुत पसंद है.

मैं भैया को बोलकर वहां से चला गया.

शाम को ट्यूशन में लंड की फोटो पोर्न टीचर को दिखाई, जिसे देखकर दीदी पागल सी हो गईं.
वे कहने लगीं- ओह मेरे राजा कितना सॉलिड लंड है, प्लीज़ मुझे ये अभी के अभी चाहिए. मेरी गांड और चुत को ये लंड अच्छे से फाड़ देगा. आई लव यू राहुल, इतना गजब का लंड है, प्लीज़ उसे जल्दी से आज ही बुला लो. नहीं तो मैं मर जाऊंगी. मैं उसकी रंडी बन जाऊंगी. उसकी रखैल बन जाऊंगी प्लीज़ उसे जल्दी से बुला ले ना मेरे कुत्ते.

उस दिन मैंने दीदी की चुत का पानी पिया, जो लंड को देखकर पागल हो रही थी.

उनकी लंड की प्यासी चुत ने बहुत ज़्यादा पानी छोड़ दिया. फिर मैं दीदी को बोलकर वहां से चला गया और दीदी को चुदवाने की प्लानिंग करने लगा.

मैंने दीदी को अंकित भैया से कैसे चुदवाया, ये मैं आपको अगली सेक्स कहानी में बताऊंगा.

आपको मेरी हॉट टीचर पोर्न कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.

80 thoughts on “प्यासी टीचर दीदी की हवस”

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